राष्ट्रीय (13/01/2015) 
प्रसव के कारण होने वाली महिलाओं की मौत को रोकने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे
हरियाणा, कैथल, ग्रामीण क्षेत्रों में गैर संस्थागत प्रसव के कारण होने वाली महिलाओं की मौत को रोकने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ग्रामीण क्षेत्रों में गैर प्रशिक्षित दाईंयों द्वारा करवाए जाने वाले प्रसव के मामलों पर विशेष नजर रखी जाएगी। ग्रामीण लोगों को संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करके सरकारी अस्पतालों में प्रसव संबंधी सुविधाओं पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। यह जानकारी जिला उपायुक्त  के.एम.पांडुरंग ने आज स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दी जा रही विभिन्न सुविधाओं की समीक्षा करते हुए आज एक बैठक में दी। उन्होंने कहा कि आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब लोगों को नजदीक के स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार की सुविधाएं ठीक प्रकार से नही मिलती। उन्होंने कहा कि विशेषतौर से ग्रामीण महिलाओं को प्रसव के मामलों में उपचार के लिए अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं देना जरूरी है। उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व उप स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों द्वारा प्रसव की सुविधाओं के बारे में विशेष ध्यान देना जरूरी होगा। रात के समय ऐसे मामले स्वास्थ्य केंद्रों के अधिकार क्षेत्र में आने पर उन्हें समूचित उपचार दिया जाना चाहिए। उपायुक्त ने ऐसे मामलों पर चिंता व्यक्त की कि जिनमें प्रसव के मामले आने पर उन्हें बिना कोई उपचार दिए बड़े अस्पतालों पीजीआई आदि को रैफर कर दिया जाता है, जो कि गंभीर मामला है।

उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों व एएनएम की डियूटी इस प्रकार से लगाई जाए कि लोगों को रात दिन आपातकालीन उपचार की सुविधा मिल सके। उन्होंने चिकित्सकों व एएनएम का मरीजों के प्रति दृष्टिकोण बदलने पर भी विशेष जोर दिया। सरकारी अस्पतालों में प्रसव के बाद महिलाओं में कुपोषण की कमी को दूर करने के लिए पौषक आहार स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अस्पताल कल्याण अनुभाग द्वारा वितरण सुनिश्चित करवाया जाए। उपायुक्त ने स्वास्थ्य केंद्रों में बिजली की आपूर्ति के मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में लगातार बिजली की आपूर्ति करना बिजली विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। उन्होंने टीक के स्वास्थ्य केंद्र में तुरंत बिजली कनैक्शन देने तथा गांव किठाना के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बेहत्तर वोल्टेज की बिजली सप्लाई करने के लिए तुरंत उच्च क्षमता का बिजली ट्रांसफार्मर लगाने के आदेश दिए। उपायुक्त ने लिंग पहचान के लिए दुरूपयोग किए जाने वाले अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर समय-समय पर जांच करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा स्वास्थ्य विभाग की आशा वर्कर द्वारा गर्भवती महिलाओं के रिकार्ड पंजीकरण करने के आदेश देने के साथ-साथ दोनों विभागों का ऐसी महिलाओं के रिकार्ड का मिलान करने के भी आदेश दिए। ऐसी गर्भवती महिलाओं पर प्रसव के समय विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि होने वाले बच्चे का पूरा विवरण व उसका जन्म पंजीकरण आदि समय पर किया जा सके।
ऐसे मामलों पर नजर रखने से कन्या भ्रूण हत्या रोकने के साथ-साथ लिंगानुपात को संतुलित करने में विशेष मदद मिलेगी।  के.एम.पांडुरंग ने विभिन्न स्कूलों में 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों को आयरन की कमी को दूर करने के लिए दी जाने वाली आयरन फोलिक सिरप व एलबैंडाजोल की गोलियां सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में देने के अभियान को सफलता पूर्वक चलाने के आदेश दिए। इस दौरान बच्चों से घर से नमक के सैंपल मंगवाकर स्वास्थ्य विभाग जांच करें कि वह आयोडिन युक्त है या नही। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त जितेंद्र कुमार, एसडीएम आरके सिंह व अश्वनी मैंगी, सिविल सर्जन डा. आदित्य स्वरूप गुप्ता, जिला परिषद के चेयरमैन नाजर सिंह, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी सुरेंद्र कुमार,डीएफएससी सुरेंद्र सैनी, कार्यक्रम अधिकारी सरिता चौहान, डा. रेनू चावला, डा. शशि त्रिपाठी, डा. देवेंद्र सिंह, डा. आरडी चावला, डा. अर्शप्रीत कौर आदि मौजूद रहे।

 

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