राष्ट्रीय (27/11/2014) 
1509 बीज के बाद अब बासमती बोने के बाद पी बी तीन निकल रही है, इस बीज में किसानों के साथ ठगी।
कैथल, 27 नवंबर, किसानों ने धान के बीज को लेकर दुकानदारों द्वारा ठगी करने  का आरोप लगाया है। भारतीय किसान युनियन के राष्टीय सलाहकार अजीत सिंह हाबडी ने बताया कि धान के 1509 बीज के बाद अब बासमती के बीज में भी किसानों के साथ ठगी का पता चला है। उन्होंने बताया कि किसानों द्वारा दुकान दारों से बासमती का बीज लिया गया था, परन्तु अब इस की जगह पी बी तीन नामक धान निकल रही है। वैसे तो यह धान भी बासमती की एक शक्ल है। किसान जब इस धान को मंडीयों में लेकर जाते है, तो खरीद दार इसको लेने से इन्कार कर देते है। इस धान को कम संख्या में व्यापारी खरीद करते है।  इसका मूल्य भी दूसरी बासमती धान के मूल्य से बहुत कम है। किसान हैप्पी ने बताया कि इस का उत्पादन भी  काफी कम निकलता है। बासमती का उत्पादन 50 मन से अधिक प्रति एकड़ का निकलता है,परन्तु इसका उत्पादन मात्र 25 से 30 मन ही रह जाता है। उधर इस धान को काटने से मजदूर भी घबराते है, क्योंकि इस का झाड़  काफी सख्त होता है। जिससे किसान मजदूरों द्वारा इन्कार करने के कारण इसको कम्पाईन के द्वारा कटवाते है। कम्पाईन द्वारा कटी हुई धान को व्यापारी मात्र 23-24 सौ रुपये प्रति क्विंटल ही खरीद करते है, जबकि हाथ के द्वारा कटी इस धान को व्यापारी 2700 रुपये प्रति क्विंटल खरीद करते है। असली बासमती को व्यापारी 3200 रुपये में खरीद करते है। जिससे किसानों को प्रति एकड़ 25 से 30 हजार का नुकसान झेलना पड़ रहा है। इससे पहले भी किसानों द्वारा 1509 की बिजाई के बाद खेतों से 1709 की फसल निकलने कारण काफी नुकसान उठाना पड़ा था।
कैथल, से राजकुमार अग्रवाल कि रिपोट
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